भारतीय पौराणिक ग्रंथों, कहानियों तथा लोक कथाओं में पारस का जिक्र किया जाता है, पारस नाम ही अपने आप में इतना प्रभावशाली है, और उस पर यह कछुए के आकार वाली नव ग्रहों की शांति हेतु प्रयोग में आनेवाले नौ बहुमूल्य रत्नों से जडित अंगूठी अपने आप में एक अजूबा है।
पौराणिक ग्रंथों, कहानियों तथा लोक कथाओं के आधारपर समुद्र मंथन के दौरान भगवान् विष्णु ने कछुए का रूप धारण किया था और इसी कारण शास्त्रों और हिन्दू धर्म में कछुए का बहुत महत्व है। वास्तु के अनुसार जिस घर में कछुए से सम्बंधित कोई भी वस्तु होती है वहां पर कभी भी धन संपत्ति से सम्बंधित दिक्कते नहीं होती।
कछुए की आकृति वाली नव रत्नों से जडित पारस अंगूठी धारण करने से होनेवाले लाभ
आत्मविश्वास में वृद्धि
दरअसल कछुए वाली अंगूठी को वास्तुशास्त्र में शुभ माना गया है। यह अंगूठी व्यक्ति के जीवन के कई दोषों को शांत करने का काम करती है। लेकिन यदि सबसे अधिक यह किसी बात में सहायक होती है तो वह इसकी वजह से आत्मविश्वास में हो रही बढ़ोत्तरी।
माँ लक्ष्मी का आशीर्वाद
पौराणिक ग्रंथों के अनुसार कछुआ जो की जल में रहता है, यह सकारात्मकता और उन्नति का प्रतीक माना गया है। यही कछुआ भगवान विष्णु का भी अवतार रहा है। समुद्र मंथन की पौराणिक कथा के अनुसार कछुआ समुद्र मंथन से उत्पन्न हुआ था और साथ में देवी लक्ष्मी भी वही से आई थी, इस तरह से पारस अंगूठी धारण करने वाले जातक को माँ लक्ष्मी का आशीर्वाद प्राप्त होता है।
समृद्धि का प्रतिक
वास्तु शास्त्र में कछुए को समृद्धि का प्रतिक माना गया है, कछुए को देवी लक्ष्मी के साथ जोड़कर धन बढ़ाने वाला माना गया है। इसके अलावा यह धैर्य, शांति, निरंतरता और समृद्धि का भी प्रतिक है, कछुए की आकृति वाली पारस अंगूठी के प्रभाव से समृद्धि की प्राप्ति होती है।
व्यापार में वृद्धि
व्यापार में सफलता पाने के लिए आप पारस अंगूठी धारण कर सकते हैं। अगर आप अपने बिजनेस को आगे बढ़ाना चाहते हैं या बिजनेस में घाटा हो रहा है तो आपको पारस अंगूठी पहननी चाहिए। व्यापार में अगर कोई शत्रु या प्रतिस्पर्धी है तो वह अपने आप ही परास्त हो जाएगा।
नवग्रहों की कृपा बरसती है
अगर कुंडली में कोई ग्रह अशुभ भाव में बैठकर अशुभ फल दे रहे है, तो इन अशुभ ग्रहों की शांति के लिए पारस अंगूठी अवश्य धारण करनी चाहिए, ऐसा करने से अशुभ ग्रहों को बल मिलता है और जातक के जीवन में ग्रहों के कारण उत्पन्न होने वाली पीड़ा से मुक्ति मिलती है।
धन का आगमन के लिए
पारस अंगूठी धारण करने से भगवान विष्णु के साथ साथ माँ लक्ष्मी भी प्रसन्न होती है और इसे धारण करने वाले व्यक्ति को जीवन में कभी भी धन की कमी महसूस नहीं होती है। अचानक धन प्राप्ति के मार्ग प्रशस्त होने लगते है। रुका हुआ धन या कर्ज जैसी स्थिति से छुटकारा मिलता है इसलिए बिना संकोच किये शीघ्र ही पारस अंगूठी धारण करनी चाहिए।
वास्तु दोष से मुक्ति
वास्तु में भी पारस अंगूठी का बहुत महत्व है। यदि आप इस अंगूठी को पहनते है, तो आपके घर-परिवार से सारे वास्तु दोष दूर हो जाते है। ये चमत्कारिक पारस अंगूठी धारणकर्ता को वास्तु दोष से मुक्त कराने में अहम् भूमिका निभाती है।
ध्यान रखने योग्य बातें
ध्यान रखे की इस अंगूठी को इस तरह से पहनें की कछुए के सिर वाला हिस्सा पहनने वाले व्यक्ति की ओर आना चाहिए। अगर कछुए का मुख बाहर की ओर होगा तो धन आने की बजाय हाथ से चला जाएगा और आप कंगाल हो जायेंगे।
पारस अंगूठी पहनने के बाद इसे अधिक घूमाना या बार-बार उतारकर कहीं पर भी रखना सही नहीं होता, अधिक बार घूमाने से कछुए का सिर अपनी दिशा बदलेगा जो की आने वाले धन में रूकावट ला सकता है।