रुद्राक्ष विभिन्न ग्रहों की शांति और सकारात्मक ऊर्जा को बढ़ाने के लिए पहना जाता है। हर ग्रह के लिए अलग-अलग मुखी रुद्राक्ष बताए गए हैं, जो व्यक्ति की कुंडली के अनुसार धारण किए जाते हैं।
ग्रहों के अनुसार रुद्राक्ष और उनके लाभ:
ग्रह | रुद्राक्ष (मुखी) | लाभ |
---|---|---|
सूर्य (Sun) | 1 मुखी या 12 मुखी | आत्मविश्वास, सफलता, सरकारी लाभ |
चंद्र (Moon) | 2 मुखी | मानसिक शांति, भावनात्मक स्थिरता |
मंगल (Mars) | 3 मुखी | ऊर्जा, साहस, क्रोध नियंत्रण |
बुध (Mercury) | 4 मुखी | बुद्धि, संचार कौशल, शिक्षा में वृद्धि |
गुरु (Jupiter) | 5 मुखी | ज्ञान, धार्मिकता, आध्यात्मिक उन्नति |
शुक्र (Venus) | 6 मुखी | आकर्षण, सौंदर्य, वैवाहिक सुख |
शनि (Saturn) | 7 मुखी या 14 मुखी | शनि की कृपा, कठिनाइयों से मुक्ति |
राहु (Rahu) | 8 मुखी | भ्रम, बुरी आदतें और नकारात्मकता से छुटकारा |
केतु (Ketu) | 9 मुखी | आध्यात्मिक जागृति, शांति, मोक्ष |
ओरिजिनल रुद्रकाश सिद्ध किया हुआ आर्डर करे
रुद्राक्ष धारण करने के नियम:
-
शुद्धिकरण: रुद्राक्ष को गंगाजल और कच्चे दूध से शुद्ध करें।
-
ऊर्जा सक्रिय करना: इसे सोमवार, मंगलवार, या किसी शुभ दिन भगवान शिव के मंत्रों के साथ अभिषेक कर पहनें।
-
धारक को नियमों का पालन करना चाहिए: तामसिक भोजन (मांस-मदिरा) से बचें और नियमित रूप से मंत्र जाप करें।
-
मंत्र जाप: रुद्राक्ष पहनते समय “ॐ नमः शिवाय” या संबंधित ग्रह मंत्र का जाप करें।
अगर आप किसी ग्रह के दोष निवारण के लिए रुद्राक्ष पहनना चाहते हैं, तो अपनी कुंडली का विश्लेषण कराकर सही रुद्राक्ष चुनना बेहतर होगा।