बृहस्पति का लग्न से गोचर फल
गुरु के लग्न से गोचर बहुत ही अच्छा माना जाता है । गुरु के लग्न में आने से जातक की मानसिकता में सकारात्मक बदलाव आते हैं । मन में प्रसन्नता रहती है । जातक का आत्मबल अधिक शक्तिशाली होता है । जातक में दानशीलता का गुण आता है । जातक में ईश्वर के प्रति श्रद्धा और विश्वास में बढ़ोत्तरी होती है ।जातक के मन में भविष्य के लिए योजनाएं घर करती हैं । लोगों से आपके सम्बन्ध बेहतर होते हैं और लोग भी आपके प्रति सकारात्मक रुख अपनाते हैं । अपने मित्रों में आपकी प्रमुखता होती है । जीवन के प्रति आपका दृष्टिकोण पहले से बेहतर होता है और छोटी मोटी बातों में आप अपना समय नष्ट नहीं करते हैं । इसमें यह नुक्सान होने की संभावना रहती है कि आप स्वयं का अधिक मूल्यन कर लेते हैं और जो आपके बस का नहीं है उसे भी आप करने की कोशिश कर लेते हैं और परेशान हो सकते हैं । आपका वजन बढ़ना भी इस गोचर का एक परिणाम होता है । प्रेम संबंधों , रचनात्मक गतिविधियों के लिए, उच्च शिक्षा और लंबी यात्राओं के लिए यह अच्छा समय होता है ।
गुरु का धन भाव से गोचर फल
धन भाव से गुरु का गोचर आपके बैंक बैलेंस में इज़ाफ़ा करने में सहायक होता है । आपका वर्ष काफी अच्छा निकलता है । अपने काम काज के बारे में आप काफी सकारात्मक रहते हैं । आपका आपके पूरे परिवार के साथ काफी अच्छा सामनजस्य बना रहता है । आपकी आमदनी तो बढ़ ही सकती है साथ ही आप आमदनी के किसी नए स्तोत्र को भी प्राप्त कर सकते हैं । नयी चीज़ें खरीदी जा सकती हैं । आपको नयी नौकरी भी मिल सकती है और वेतन में भी बढ़ोत्तरी होना संभव होता है । बोनस अथवा उपहार मिलने का भी योग रहता है । लोन आदि लेने के लिए भी यह एक उपयोगी गोचर होता है ।
गुरु का तृतीय भाव में गोचर फल
गुरु के इस भाव में आने से आपमें कोई नवीन ज्ञान लेने की प्रेरणा आ सकती है । आपको पढ़ना लिखना अच्छा लगेगा । आपके रिश्तेदार, पास पडोसी आपके काफी सहायक होंगे । यात्राओं के कई योग रहेंगे और आप कोई कम अवधि का कोर्स भी कर सकते हैं और उसमें उत्तीर्ण भी हो सकते हैं । आप नया वाहन भी ले सकते हैं । ब्लॉग्गिंग अथवा शिक्षण के लिए उत्तम समय है । आपको कठिन विषय भी सरलता से समझ में आएंगे और आप आसानी से दूसरों को समझा भी पाएंगे । आप पहले से अधिक ऊर्जावान होंगे और अधिक सामाजिक संपर्क स्थापित करेंगे । लोग आपकी सँगत पसंद करेंगे ।
गुरु का चतुर्थ भाव में गोचर फल
इस गोचर में आपको अपने परिवार, घर, संपत्ति, वाहन आदि को लेकर शुभ समाचार मिल सकता है। आपके पारिवारिक जीवन में खुशियां बढ़ जाएंगी और मन में संतोष रहेगा । आपका विवेक बहुत संपन्न हो जाएगा । जो लोग अचल संपत्ति के व्यवसाय में हैं उनको काफी आर्थिक लाभ हो सकता है । अपने घर में आप रिपेयर करवा सकते हैं, सौंदर्यीकरण करवा सकते हैं । माता पिता और अन्य परिवार के सदस्यों के साथ आपके सम्बन्ध बहुत अच्छे रहने हैं । पारिवारिक मतभेद समाप्त हो सकते हैं । घर में पारिवारिक उत्सव हो सकते हैं । आपको अपने माता पिता से कुछ धन अथवा विरासत मिल सकती है ।
गुरु का पंचम भाव में गोचर
पंचम भाव में गुरु के आने पर आपके जीवन में आनंद, प्रेम , रचनात्मकता आदि की वृद्धि होती है । इस समय आप के अंदर एक नयी ऊर्जा है जोकि आपको और अधिक मुखर बनाती है । आपको इस समय में कोई पुरस्कार अथवा प्रशस्ति पत्र आदि मिलने का योग भे होता है । आपके रचनात्मक प्रयासों को काफी प्रशंसा मिल सकती है । प्रेम संबंधों के शुरू होने के लिए यह अच्छा समय है और अकेले जातक किसी विशिष्ट व्यक्ति के संपर्क में आ सकते हैं । शेयर बाजार से आपको लाभ हो सकता है । बच्चों के साथ आपके सम्बन्ध मधुर रहेंगे । प्रसूता पुत्र को जन्म दे सकतीं हैं । अगर आप किसी रचनात्मक फील्ड से हैं तो आपको अधिक लाभ होने की सम्भावना होती है ।
गुरु का छठे भाव में गोचर फल
छठे भाव में गुरु के आने से आपको अपनी दैनिक जीवन शैली, नौकरी , स्वास्थ्य आदि में लाभ होता है। आपको अपने स्वास्थ्य को लेकर जागरूकता आती है । इस गोचर में आप स्वयं को और उन्नत करेंगे और अपनी जो भी विधा है उसका प्रस्तुतीकरण बेहतर रूप से कर पाएंगे । अपने सहकर्मियों से आपको लाभ हो सकता है । इस समय आप सही लोगों का चयन करने में बेहतर सक्षम होंगे । इस समय आपको नयी नौकरी मिलने की बहुत सम्भावना रहती । आप किसी पालतू जानवर को ला सकते हैं । आपका वजन बढ़ सकता है ।
गुरु का सप्तम भाव में गोचर
निजी जीवन हो या सामाजिक , दोनों के लिए ही यह गोचर बहुत प्रभावकारी होता है । आपके जीवन साथी के साथ आपकी काफी पटरी बैठेगी और आप एक दूसरे को समझने की काफी कोशिश करेंगे । विवाह होने के लिए भी यह गोचर बहुत अच्छा है , साझेदारियों से भी आपको लाभ मिल सकता है और ससुराल से भी, इस समय करी गयी साझेदारियां काफी चल सकती हैं । इस समय समाप्त होने वाली साझेदारियां, विवाह शांति से समाप्त हो जाते हैं और इनमें कोई गंभीर अड़चन नहीं आती है । आपको जीवन में कोई निश्चित ही बेहतर मिलने वाला होता है तभी ऐसा होता है । कानूनी पचड़ों को भी इस समय प्रयास द्वारा सुलझाया जा सकता है । इस समय में आपको प्रसिद्धि भी मिलती है । रिश्तों में आप स्वयं ही काफी ऊर्जा महसूस करेंगे ।
गुरु का अष्टम भाव में गोचर फल
इस समय आप भावनात्मक शिकार नहीं होते हैं अर्थात अन्य लोग आपसे भावनाओं के आधार पर कार्य हल नहीं करा पाते हैं । इस समय आप विकृत युक्तियाँ अथवा जुगाड़ नहीं करते हैं । इस समय आपको कर्ज़ों में, सेक्सुअल जीवन में , भावुक संबंधों में लाभ हो सकता है , व्यक्तित्व के विकास में आपको लाभ हो सकता है किन्तु कोई रोग भी अचानक आपको हो सकता है । इस समय आप धन संग्रह करने में सक्षम रहते हैं । आपको रिसर्च में लाभ हो सकता है , विरासत आपको मिल सकती है । कुछ नया खरीद सकते हैं जो की संभव है आपको उपहार स्वरुप भी मिल जाए । सेक्स में आपकी रूचि काफी बढ़ सकती है ।
गुरु का नवम भाव में गोचर फल
नवम भाव में गुरु के आने से आपके जीवन में काफी परिवर्तन आ सकता है । आपका दृष्टिकोण काफी वृहद हो सकता है और आप बड़े उद्देश्यों के प्रति अधिक सचेत होते हैं । इस समय में आपको घूमने फिरने के काफी अवसर मिलते हैं और भिन्न भिन्न पृष्टभूमि के लोगों से मिलने के अवसर आपको प्राप्त होते हैं । आपमें ज्ञानवर्धन की इच्छा अधिक होती है और जिन विषयों में आपकी कम रूचि थी उनमें भी आप अधिक रूचि लेने लगते हैं । न सिर्फ ज्ञान बल्कि जिन जातकों का व्यापार आदि है उनको नए साझेदार अथवा खरीददार मिल सकते हैं । आपकी लेखनी बहुत बेहतर हो जाती है । अगर आप लेखन, मीडिया आदि से सम्बद्ध हैं तो आपको काफी ख्याति और दूर स्थानों पर मित्र भी मिलते हैं । ईश भक्ति रूचि और विश्वास अधिक गहराता है ।
गुरु का दशम भाव में गोचर फल
दशम भाव में गुरु का आना एक बहुत ही शुभ घटना है और लोग इसका इंतज़ार करते हैं । गुरु के इस भाव में आने पर जातक के मान सम्मान में वृद्धि होती है और उसकी ख्याति दूर तक होती है । जातक का विवाह भी होना संभव है । इस समय जातक को तरक्की मिलती है , राजनीतिज्ञों को विजय हासिल होती है , सामाजिक स्तर बेहतर होता है । आप पर बड़े लोगों की दृष्टि पड़ती है । बेहतर नौकरी मिलती है । आपको काम करने के लिए पूर्ण स्वतंत्रता मिलती है । कोई घटना ऐसी होती है की आपका स्तर ऊंचा उठता है ।
गुरु का लाभ भाव में गोचर
यह गोचर आपके सामाजिक संबंधों और कार्य से सम्बंधित संबंधों को बढ़ाने में बहुत सहयोगी है । आप समूहों , दलों आदि के सदस्य भी बन सकते हैं । मित्र आपके लिए बहुत मददगार साबित होंगे । भविष्य के लिए प्लान करने हेतु यह बहुत अच्छा समय होता है । आपका मित्र समूह का विस्तार होना इस समय में बहुत संभव है । लोग आपसे मदद के लिए भी सम्बन्ध बना सकते हैं और सलाह भी ले सकते हैं ।
गुरु का मोक्ष स्थान में गोचर फल
गुरु के इस स्थान में गोचर से आपको छुपे हुए लाभ हो सकते हैं । वैसे इस गोचर को अच्छा नहीं माना जा सकता है । इस समय में आप काफी सेंसिटिव हो सकते हैं । इस समय में आप आत्मग्लानि से मुक्ति पा सकते हैं । आप अपनी अतीन्द्रिय शक्ति से एकात्म स्थापित कर सकते हैं । ऐसे काम जिनमें दूसरों की मदद करी जानी हो उनमें आपको विशेष रूचि हो सकती है । कुछ लोग इस समय में गुप्त सम्बन्ध भी बना सकते हैं । इस समय आपके मन में ईश श्रद्धा भी अधिक हो सकती है ।