मिथुन राशि वाले जातक अलग-अलग स्वभाव के लोगों के साथ तालमेल बनाने में निपुण होते हैं लेकिन इनका सबसे अच्छा तालमेल मेष, मिथुन और कर्क राशि वाले जातकों के साथ बनता है।
मेष -: मिथुन राशि वाले जातकों की जोड़ी मेष राशि वाले व्यक्ति के साथ सबसे बढिया रहती है। यह दोनों ही राशि के लोग ऊर्जा से भरपूर होते हैं और अपने जीवन को पूरे उतसाह से जीना चाहते हैं। ये दोनों एक दूसरे की कमियों के पूरक भी होते हैं।
वृषभ -: वृषभ जातक शांत होते हैं तो वहीं मिथुन अस्थिर होते हैं। इन दोनों के विपरीत गुण कभी-कभी इनके रिश्ते में समस्या उत्पन्न कर सकते हैं।
मिथुन -: ऐसी स्थिति में दोनों साथी की सोच और जीवन के प्रति महत्वाकांक्षा एक समान होती है। जहां एक ओर ये दोनों एक दूसरे को अच्छे से समझते हैं तो वहीं दूसरी ओर इन्हें कहां एडजस्ट करना है ये भी अच्छे से पता होता है। इनका स्वभाव भी एक जैसा ही होता है जो काफी हद तक इनके बीच में प्रेम को बनाए रखता है।
कर्क -: इन दोनों ही राशियों के जातकों को बातचीत करना और लोगों से घुलना-मिलना पसंद होता है। इनकी ऐसी बहुत सारी खूबियां हैं जो एक-दूसरे से बहुत मिलती-जुलती हैं। इन्हें सपने देखना पसंद है और दोनों ही मूडी स्वभाव के हैं।
सिंह -: ये दोनों ही राशियों के जातक मनोरंजन प्रेमी और साहसी होते हैं। मिथुन जातक की विविध विषयों में रुचि सिंह जातकों के मन में ईर्ष्या भाव पैदा करती है। मिथुन के व्यवहार की नकारात्मकता सिंह जातकों की भावनाओं को आहत कर सकती है।
कन्या -: इन राशियों के जातक बुद्धिमान और व्यावहारिक होते हैं। इन दोनों के बीच अच्छा तालमेल होता है लेकिन ज़रा सी गलतफहमी के कारण इनके बीच अनबन हो सकती है।
तुला -: ऐसी स्थिति में दोनों साथी की सोच और जीवन के प्रति महत्वाकांक्षा एक समान होती है। जहां एक ओर ये दोनों एक दूसरे को अच्छे से समझते हैं तो वहीं दूसरी ओर इन्हें कहां एडजस्ट करना है ये भी अच्छे से पता होता है। इनका स्वभाव भी एक जैसा ही होता है जो काफी हद तक इनके बीच में प्रेम को बनाए रखता है।
वृश्चिक -: मिथुन राशि वाले जातक हर चीज़ को शक की निगाहों से देखते हैं एवं इन्हें घूमना पसंद होता है। इनका व्यवहार वृश्चिक राशि वाले जातकों की समझ से बाहर होता है। मिथुन राशि वाले ईमानदार साथी साबित नहीं हो पाते।
धनु -: इन दोनों ही राशियों के जातक बेचैन और बहस करने के इच्छुयक होते हैं। ये दोनों ही लंबे समय तक एक ही व्याक्ति और स्थाचन पर टिके नहीं रह सकते। एकसाथ आने पर कुछ ज्याएदा समस्याल नहीं आती क्योंाकि ये दोनों ही राशियों का स्वभाव लचीला और अनुकूलीय होता है।
मकर -: मकर राशि के जातक हमेशा चौकस रहते हैं जबकि मिथुन जातकों को नियमों का पालन करना बोरिंग लगता है। एकसाथ आने पर इनके बीच कई कारणों को लेकर मतभेद उत्पबन्ना होना स्वाकभाविक होता है।
कुंभ -: मिथुन का हंसमुख स्विभाव कुंभ को दीवाना बना देता है। इन दोनों के ही जीवन के प्रति एक समान दृष्टिकोण से इनके रिश्तेभ को मजबूती मिलती है।
मीन -: इन दोनों ही जातकों के स्वभाव में लचीलापन होता है इसलिए ये एकदूसरे के लिए अनुकूल होते हैं। यदि मिथुन संवेदनशीलता और मीन व्याहवहारिकता सीख लें तो यह रिश्ता सफल हो सकता है।