यदि कुंडली का नौंवां घर खराब ग्रहों से ग्रसित हो तो यह पूर्वजों की अधूरी इच्छाओं का सूचक है। इसे ही पितृदोष कहा जाता है। किसी सत्पुरूष, बाह्मण या कुलगुरु का अनादर किया गया है तो आप पितृ दोष से पीडित होते हैं। गोहत्या और पितरों को जल अर्पित न करना भी इस दोष का मुख्य कारण है।
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यदि कुंडली का नौंवां घर खराब ग्रहों से ग्रसित हो तो यह पूर्वजों की अधूरी इच्छाओं का सूचक है। इसे ही पितृदोष कहा जाता है। किसी सत्पुरूष, बाह्मण या कुलगुरु का अनादर किया गया है तो आप पितृ दोष से पीडित होते हैं। गोहत्या और पितरों को जल अर्पित न करना भी इस दोष का मुख्य कारण है।
पितृ दोष से पीडित लोग बड़े-बुजुर्गों का अपमान करते हैं और दूसरों की भावनाओं की अवहेलना करने से भी नहीं चूकते। इन्हें पैसों की कमी रहती है। परिवार में लड़ाई-झगड़ा और क्लेश का माहौल रहता है। विवाह में देरी, संतान प्राप्ति में बाधा और पैसों में बरकत न होने जैसी समस्याएं झेलनी पड़ती हैं।
धूप, फूल पान के पत्ते, सुपारी, हवन सामग्री, देसी घी, मिष्ठान, गंगाजल, कलावा, हवन के लिए लकड़ी (आम की लकड़ी), आम के पत्ते, अक्षत, रोली, जनेऊ, कपूर, शहद, चीनी, हल्दी।
पितृ दोष के निवारण हेतु पूजन की अनेक विधि हैं। सबसे उत्तम विधि वैदिक मंत्रों द्वारा किया जाने वाला विधान है। पितृ दोष की शांति के लिए इससे संबंधित ग्रहों को उनके मंत्रों द्वारा शांत किया जाता है।
पूजा का समय शुभ मुहुर्त देखकर तय किया जाएगा।
नाम एवं गोत्र, पिता का नाम
जन्म तारीख, स्थान
पूजा का प्रसाद
यंत्र और सूखा प्रसाद
आप AstroVidhi के Customer Care Number 8285282851 पर संपर्क करके पितृ दोष पूजन का अपने या अपने परिवार के किसी सदस्य के लिए करवाने का समय ले सकते हैं।
जिस किसी के लिए आप ये पूजा करवाना चाहते हैं उसका नाम, जन्म स्थान, गोत्र और पिता का नाम अवश्य ज्ञात होना चाहिए।